लखनऊ। अध्यापक पात्रता परीक्षा [टीइटी] परीक्षा शुरू होने से पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने कैसरबाग क्षेत्र से शालीमार अपार्टमेंट 9 कैंट रोड, कैसरबाग निवासी व प्रतापगढ़ के मगरौरा, पट्टी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक सत्य बहादुर सिंह तथा कल्याणपुर गुडंबा निवासी ठेकेदार अजय कुमार सिंह उर्फ मिंटू को गिरफ्तार कर टीईटी में धांधली के राजफाश का दावा किया। डीआइजी डीके ठाकुर के मुताबिक दोनों ने टीइटी परीक्षा के कई मॉडल पेपर को तैयार कर उन्हें असली प्रश्नपत्र बताकर अभ्यर्थियों को बेचा और उनसे लाखों रुपये वसूले हैं। इनके पास 16 लाख रुपये मिले हैं।
आरोपी के कब्जे से बरामद मॉडल पेपरों का बीएसए की मौजूदगी में टीइटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से मिलान भी कराया गया लेकिन दोनों भिन्न निकले। पुलिस अन्य आरोपी की भी तलाश कर रही है। बताया गया कि वह विकासनगर स्थित एक स्कूल में टीइटी परीक्षा में शामिल हुआ है। प्रश्नपत्रों को आउट कर बेचने की सूचना पर क्राइम ब्रांच ने रविवार सुबह सत्य बहादुर के घर छापा मारा। यहां से सत्य बहादुर व अजय को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 16 लाख रुपये, कक्षा एक से पांच व कक्षा 6 से आठ से संबंधित आठ प्रश्नपत्रों के हल व उत्तर शीट व जीराक्स मशीन मिली। प्रश्नपत्र सत्य प्रकाश ने तैयार किए थे, जिन्हें टीइटी परीक्षा का असली प्रश्नपत्र होने का दावा कर कई परीक्षार्थियों को लाखों रुपये वसूले गए हैं। सत्य बहादुर के कब्जे से एक डायरी मिली है, जिससे पता चला है कि उसने प्रश्नपत्र आउट कर उसे बेचने के नाम पर लोगों से दो से पांच लाख रुपये तक वसूले हैं। सत्य बहादुर ने यह प्रश्नपत्र बलिया निवासी मनोज सिंह, इलाहाबाद निवासी विनय सिंह व इरफान, प्रतापगढ़ के इश्तियाक सहित अन्य लोगों को बेचने की बात स्वीकार की है। इस बारे में छानबीन की जा रही है। इनके कब्जे से मिले प्रश्नपत्रों का नेशनल कॉलेज में बीएसए तथा प्रधानाचार्य की मौजूदगी में टीइटी परीक्षा में आए प्रश्नपत्र से मिलान कराया गया लेकिन दोनों पर्चे भिन्न निकले। उनका पैटर्न एक जैसा ही था। गिरोह के फरार सदस्य राकेश चंद्र मिश्रा की तलाश की जा रही है।
आठ प्रश्नपत्र मिले
डीआइजी के मुताबिक सत्य बहादुर के पास से मिले गणित के प्रश्नपत्र में 30, सामाजिक अध्ययन में 90, बाल विकास एवं अभिज्ञान में 95, हिंदी में 95, इंग्लिश में 92, उच्च प्राथमिक शिक्षा में 91, बाकी बचे हुए विषयों में 90 व विज्ञान में 75 प्रश्न व उनके उत्तर दिए गए हैं।
स्कूल बनवाने के लिए रखी थी रकम:-
आरोपी सत्य बहादुर का कहना है कि उसके पास से मिले रुपयों में से आठ लाख उसने बैंक से निकाले थे, जबकि शेष आठ लाख रुपये अपने दोस्तों से उधार लिए थे। यह रकम उसने हरगांव, हरदोई स्थित अपने ससुर लाल शीतला शरण सिंह के विद्यालय सिद्धेश्वर दास इंटर कॉलेज में निर्माण कार्य के लिए जुटाई थी। उसने गेस पेपर बनाए थे, जिसे अपने परिचितों को परीक्षा में मदद के लिए नि:शुल्क दिया था। वहीं अजय सिंह का कहना है कि उसके अपने एक दोस्त के लिए सत्य बहादुर से गेस पेपर लिया था।
आरोपी के कब्जे से बरामद मॉडल पेपरों का बीएसए की मौजूदगी में टीइटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से मिलान भी कराया गया लेकिन दोनों भिन्न निकले। पुलिस अन्य आरोपी की भी तलाश कर रही है। बताया गया कि वह विकासनगर स्थित एक स्कूल में टीइटी परीक्षा में शामिल हुआ है। प्रश्नपत्रों को आउट कर बेचने की सूचना पर क्राइम ब्रांच ने रविवार सुबह सत्य बहादुर के घर छापा मारा। यहां से सत्य बहादुर व अजय को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 16 लाख रुपये, कक्षा एक से पांच व कक्षा 6 से आठ से संबंधित आठ प्रश्नपत्रों के हल व उत्तर शीट व जीराक्स मशीन मिली। प्रश्नपत्र सत्य प्रकाश ने तैयार किए थे, जिन्हें टीइटी परीक्षा का असली प्रश्नपत्र होने का दावा कर कई परीक्षार्थियों को लाखों रुपये वसूले गए हैं। सत्य बहादुर के कब्जे से एक डायरी मिली है, जिससे पता चला है कि उसने प्रश्नपत्र आउट कर उसे बेचने के नाम पर लोगों से दो से पांच लाख रुपये तक वसूले हैं। सत्य बहादुर ने यह प्रश्नपत्र बलिया निवासी मनोज सिंह, इलाहाबाद निवासी विनय सिंह व इरफान, प्रतापगढ़ के इश्तियाक सहित अन्य लोगों को बेचने की बात स्वीकार की है। इस बारे में छानबीन की जा रही है। इनके कब्जे से मिले प्रश्नपत्रों का नेशनल कॉलेज में बीएसए तथा प्रधानाचार्य की मौजूदगी में टीइटी परीक्षा में आए प्रश्नपत्र से मिलान कराया गया लेकिन दोनों पर्चे भिन्न निकले। उनका पैटर्न एक जैसा ही था। गिरोह के फरार सदस्य राकेश चंद्र मिश्रा की तलाश की जा रही है।
आठ प्रश्नपत्र मिले
डीआइजी के मुताबिक सत्य बहादुर के पास से मिले गणित के प्रश्नपत्र में 30, सामाजिक अध्ययन में 90, बाल विकास एवं अभिज्ञान में 95, हिंदी में 95, इंग्लिश में 92, उच्च प्राथमिक शिक्षा में 91, बाकी बचे हुए विषयों में 90 व विज्ञान में 75 प्रश्न व उनके उत्तर दिए गए हैं।
स्कूल बनवाने के लिए रखी थी रकम:-
आरोपी सत्य बहादुर का कहना है कि उसके पास से मिले रुपयों में से आठ लाख उसने बैंक से निकाले थे, जबकि शेष आठ लाख रुपये अपने दोस्तों से उधार लिए थे। यह रकम उसने हरगांव, हरदोई स्थित अपने ससुर लाल शीतला शरण सिंह के विद्यालय सिद्धेश्वर दास इंटर कॉलेज में निर्माण कार्य के लिए जुटाई थी। उसने गेस पेपर बनाए थे, जिसे अपने परिचितों को परीक्षा में मदद के लिए नि:शुल्क दिया था। वहीं अजय सिंह का कहना है कि उसके अपने एक दोस्त के लिए सत्य बहादुर से गेस पेपर लिया था।
No comments:
Post a Comment